आज़ादी के 75वें अमृतमहोत्सव को समर्पित आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटी और डॉ सी.व्ही. रामन यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में टैगोर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य एवं कला महोत्सव के तहत आयोजित विश्वरंग पुस्तक यात्रा का चौथा पड़ाव आज सूरजपुर में रहा।

0
Spread the love

पुस्तक यात्रा के काफिले का स्वागत मानपुर चौक में
संजय सिंह, जसवीर सिंह, अमरदीप देवांगन, हरिकृष्णा साहू, संदीप साहू ने किया। इसके बाद यहां से यात्रा बाइक रैली के रूप में मुख्य मार्ग श्याम मंदिर होते हुए कार्यक्रम स्थल अग्रसेन मंगल भवन में पहुंची।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पारसनाथ राजवाड़े(संसदीय सचिव, विधायक भटगांव), रितेश गुप्ता(उपाध्यक्ष, नगर पंचायत परिषद), सूरज गुप्ता(नगर पंचायत अध्यक्ष), गुरमीत सिंह(सचिव, जिला कांग्रेस), दुर्गाशंकर दीक्षित(महामंत्री कांग्रेस) शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन, दीप प्रज्वलन और वंदना कर किया गया।

विश्वरंग पुस्तक यात्रा के महत्व, उद्देश्य एवं लक्ष्यों पर पर प्रकाश डालते हुए पुस्तक यात्रा के समन्वयक एवं आईसेक्ट के क्षेत्रीय प्रबंधक योगेश मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह यात्रा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार एवं झारखंड के 11 स्थानों से एक साथ शुरू हुई है। जो कि 100 जिलों, 200 विकासखण्ड, 500 ग्राम पंचायत में जायेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि ‘यह ज़रूरी है कि इस दुनिया को हम और बेहतर तरीके से समझ सकें, जांच सकें, पढ़ सकें और ये तभी सम्भव है जब हम पुस्तकों से दोस्ती करें। कला साहित्य से पुस्तकें ही हमें जोड़ती हैं। पुस्तकों से ही जुड़कर हमारा सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक चेतना का स्तर ऊंचा उठ सकता है।’

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव पारसनाथ राजवाड़े ने अपने सम्बोधन में कहा कि ‘नेट ज़रूरी है पर पुस्तकें उससे भी अधिक ज़रूरी है’। अनेकता में एकता भारत की विशेषता है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक हमारे देश मे कई धर्म, जातियां, भाषा, बोली, रहन-सहन, खानपान है। हमें इस विविधता को जानना समझना है तो साहित्य और पुस्तकों के नज़दीक जाना होगा। चूंकि यह पुस्तक यात्रा आज़ादी के अमृत महोत्सव को समर्पित है तो मैं छात्र-छात्राओं से अपील करना चाहता हूँ कि भारत का जो स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास रहा है, आज़ादी के क्रांतिकारियों की जो विरासत है उनके करीब हम पुस्तकों के माध्यम से ही जा सकते हैं।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे नगर पंचायत उपाध्यक्ष रितेश गुप्ता ने कहा कि ‘किताबों से ज्ञान लेकर हमें आगे बढ़ना है। सकारात्मक और नकारात्मक के बीच हमें सकात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाले साहित्य को पढ़ना चाहिए। ऑनलाइन अध्ययन भी करें पर पुस्तकों को भी अपना मित्र बनाएं।’

कांग्रेस के जिला महामंत्री दुर्गा शंकर दीक्षित ने कहा कि ‘पुस्तकें ज्ञान का परिचायक है आधार है। हमें भारत के पूरे साहित्य को विश्व पटल पर लेकर जाना है। भारत की संस्कृति, साहित्य, खगोल प्राचीन काल से ही समृद्ध रही है। इसे हमने क़िताबों के माध्यम से ही पढ़कर जाना। हमें पुस्तकों के प्रति जिज्ञासु बनना होगा। ज्ञान को संचय करने का आधार पाषण काल में पत्थरों में, ताम्र युग में ताम्र में, कागज़ के आविष्कार के बाद किताबों में और अब डिजिटल क्रांति के दौर में ईबुक के माध्यम से हो रहा है। सबसे महत्वपूर्ण है अध्ययन जिससे हम राष्ट्र को समृद्ध और विकसित बनायेंगे।’

कार्यक्रम में रचना पाठ करते हुए साहित्यकार दीपेश दुबे ने कहा कि ‘किसी भी सभ्य सभ्यता के निर्माण में पुस्तकों का योगदान सबसे अहम है। जिस सभ्यता ने पुस्तकों को महत्व नहीं दिया उनका ऐतिहासिक इतिहास अनुपलब्ध है। कई सभ्यताएं मिट गयी पर भारत की नहीं इसका कारण यह है कि उन्हें लिख कर सुरक्षित किया गया। हमें अपने इतिहास से, अपनी जड़ों से जुड़ना होगा।’

स्वत्रंत्रता संग्राम सेनानी शहीद बाबू परमानन्द के पोते कमलेश कोशरिया, शिक्षक सम्मान में गौतम मिश्रा, अभिषेक गुप्ता, राधेश्याम सोनी, अभिषेक सिंह ठाकुर, डी एन चक्रधारी को प्रतीक चिन्ह व प्रशस्ति पत्र साहित्यकार सम्मान में डॉ. मोहन साहू, विवेक नाविक, अरुण कन्नौजे, दीपेश दुबे को प्रतीक चिन्ह और कार्यक्रम में आये मुख्य अतिथियों को पुस्तक यात्रा के समन्वयक योगेश मिश्रा ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया। साथ ही रमन विज्ञान केन्द्र के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर को पुस्तकें भेंट स्वरूप प्रदान की गयी।

युवा प्रतिभा खोज में कविता के लिए रुकमणी, रंगोली के लिए सौम्या सोनी, नृत्य में कुमुद साहू, निबंध में पूजा चौधरी को प्रथम स्थान प्राप्त करने पर
प्रमाण पत्र और उपहार से सम्मानित किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में कुमुद साहू द्वारा राज्यगीत, कुमुद एवं साथी द्वारा लोक नृत्य, अंशु एवं साथी द्वारा देशभक्ति नृत्य, दीपक कुमार द्वारा स्वरचित प्रेरणा गीत और कदम एवं समूह द्वारा कर्मा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति हुई।

कार्यक्रम स्थल में में आईसेक्ट पब्लिकेशन की ज्ञान विज्ञान, कौशल, विकास तथा कला किताबों और आज़ादी के नायकों, साहित्यकारों, वैज्ञानिकों की जानकारी प्रदान करती पोस्टर प्रदर्शनी भी लगायी गयी थी। जिसे देखने बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एकत्रित हुए।

कार्यक्रम का मंच संचालन संजय सिंह ने किया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु आईसेक्ट केन्द्र पर्रा की कल्पना सिंह, आईसेक्ट केन्द्र सूरजपुर की विनीता देवांगन और आईसेक्ट ब्लॉक प्रबंधक व पुस्तक यात्रा के सह संयोजक अभिषेक तिवारी, तलत फ़ातिमा, गुलफिज़ा फ़ातिमा और अभिषेक सिंह का विशेष योगदान रहा। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

slot depo 10k
slot qris
slot spadegaming
slot pg soft
habanero slot
cq9 slot
slot garansi kekalahan bebas ip